सब को ये तरक़ीब बताई जा सकती है
सागर पर भी राह बनाई जा सकती है
हनुमान अगर संकल्पित होंगे तो समझो
लंका में भी आग लगाई जा सकती है
सिर्फ़ लगन वो जादूगरनी जिस से यारो
इस दुनिया की हर शय पाई जा सकती है
सिर्फ़ तुम्हारे हाँ कहने से तुम देखोगे
दुनिया की दीवार गिराई जा सकती है
गाड़ी वाड़ी दौलत शोहरत ख़ूब कमाओ
लेकिन इज़्ज़त नहीं कमाई जा सकती है
कहीं दिलों में गाँव गली या किसी मकाँ में
कैसी भी हो आग बुझाई जा सकती है
सच कहने की आदत डालो दुनिया वालो
कब तक ये आवाज़ दबाई जा सकती है
— Suryapratap swtantra















