'मेरे बा'द'

तू ज़माने की नज़र से ख़ुद को बचा लियो

तू शगुफ़्ता चेहरे में हँसी मिला लियो
इस इश्क़ ने तुझ को वहशत ज़दा किया है

किसी और से दिल अब मत लगा लियो
मेरे हिस्से के मौसम भी रखेंगे तेरा ख़याल

मेरे बा'द कोई तो करेगा तेरी देखभाल
न करना कभी कोई फ़िक्र - ए - फर्दा की

न रखना कभी दिल में कोई मलाल
मैं तो ख़ामोश हो जाऊँगा वक़्त के साथ

न रहूँगा मैं न रहेगी मेरी कोई बात
अपनी क़िस्मत पर सोगवार करता हूँ

दोस्त मैं तेरा रोज़ इंतिज़ार करता हूँ

— Rahul Gurjar

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