apna sabko kahtaa hooñ main | अपना सबको कहता हूँ मैं

  - Kaviraj " Madhukar"

अपना सबको कहता हूँ मैं
पर सच है बस तेरा हूँ मैं

अच्छे तो ये सब है लेकिन
इन सब सेे भी अच्छा हूँ मैं

मुझ बिन तो वो ख़ुश है बेहद
पर उस बिन तो फीका हूँ मैं

मैंने सब सेे रिश्ता तोड़ा
लो अब तो बस तेरा हूँ मैं

जो पहुँचे हैं सीधा तुम तक
वो इकलौता रस्ता हूँ मैं

इक तुम ही मुझको जाने हो
तो बतलाओ कैसा हूँ मैं

पहले मेरी ग़ज़लें समझो
तुम तब समझोगी क्या हूँ मैं

तुम मुझको इतना बतला दो
तुमको कैसा लगता हूँ मैं

छोडो़ भी अब तुम बतलाऔ
मेरा क्या है अच्छा हूँ मैं

  - Kaviraj " Madhukar"

Raasta Shayari

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