haar ke taur tareeqon pe gaur keejie aap | हार के तौर तरीक़ों पे गौर कीजिए आप

  - Saahir

हार के तौर तरीक़ों पे गौर कीजिए आप
खेल के बाद नतीजों पे गौर कीजिए आप

आगे जंगल है तो कोई मिले न मिले सो
वापस आने के रस्तों पे गौर कीजिए आप

एक बाप ने ये कहा स्कूल में जाकर साहब
मेरे भी इन बच्चों पे गौर कीजिए आप

फ़र्क़ दिखेगा ता'लीम और मजदूरी में
ढ़ोते हुए इन बस्तों पे गौर कीजिए आप

'इश्क़ वबा है मानो और न मानो तो फ़िर
मरी हुई इन नस्लों पे गौर कीजिए आप

जीना मरना शादी साथ वगैरह ये ही
होते हैं वादे वादों पे गौर कीजिए आप

'उम्र से पहले बाल सफ़ेद और पतझड़ के
आ जाने की वजहों पे गौर कीजिए आप

एक तवायफ़ ने ये कहकर दी है इज़्ज़त
कभी हमारे कोठों पे गौर कीजिए आप

सब मिट्टी है और मिट्टी ज़ाया' नहीं होती
बनते हुए इन मटकों पे गौर कीजिए आप

  - Saahir

Raasta Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Saahir

As you were reading Shayari by Saahir

Similar Writers

our suggestion based on Saahir

Similar Moods

As you were reading Raasta Shayari Shayari