दुनिया तो कह रही थी ख़बरदार तेज़ है
मुझको नहीं लगा था मेरा यार तेज़ है
मेरा सवाल ठीक है तो दे कोई जवाब
उसकी नज़र से कौन सी तलवार तेज़ है
मेरी नज़र में मैं हूँ समझदार आदमी
उसकी नज़र में जो है समझदार तेज़ है
मैंने तो जान कर न किया उनपे कोई वार
वो सोचते हैं उनका ही हथियार तेज़ है
हर 'इश्क़ करने वाले के पीछे पड़ा कोई
हर इक कहानी में कोई किरदार तेज़ है
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