kya bataayein ab tumko kya se kya udaasi hai | क्या बताएँ अब तुमको क्या से क्या उदासी है

  - Rohit tewatia 'Ishq'

क्या बताएँ अब तुमको क्या से क्या उदासी है
ग़म ख़ुशी से जीने का क़ाएदा उदासी है

और हुई मुयस्सर फिर इंतिहा उदासी की
इक दफ़ा कहा मौला इल्तिजा उदासी है

सुब्ह-ओ-शाम अब हमको बस उदास रहना है
ग़मज़दों की मंज़िल का रास्ता उदासी है

जो दुखी हो मैं उसका दर्द बाँट सकता हूँ
हमनवाँ है तन्हाई तजरबा उदासी है

कल तलक मेरे पीछे थी किसी की परछाई
आज उस भरोसे का ही सिला उदासी है

कोई हादसा लेकर आदमी किधर जाए
आदमी अगर कह दे हादसा उदासी है

  - Rohit tewatia 'Ishq'

Alone Shayari

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