is saal is tarah se main holi manaaunga | इस साल इस तरह से मैं होली मनाऊँगा

  - Shajar Abbas

इस साल इस तरह से मैं होली मनाऊँगा
रूख़सार पर गुलाल तुम्हारे लगाऊँगा

फिर रफ़्ता रफ़्ता आपसे नज़रें मिलाऊँगा
नज़रें मिला के आपकी नींदें चुराऊँगा

मुझसे बिछड़ते वक़्त ये बतलाते जाइए
तन्हा मैं कैसे ये ग़म-ए-हिज्राँ उठाऊँगा

कसरत से तुमको बाँहों में अपनी समेटकर
सारे मुनाफ़िकों के कलेजे जलाऊँगा

होगा नुज़ूल बर सर-ए-महफ़िल जब आपका
ज़ेर-ए-पा आपके मैं गुलों को बिछाऊँगा

चूमूँगा पहले होंठों से पेशानी चाँद सी
फिर तुमको जान-ए-जानाँ गले से लगाऊँगा

वा'दा है मेरी जान मुहब्बत में आपकी
तामीर एक ताजमहल मैं कराऊँगा

अपना हैं कौन कौन पराया है दोस्तों
ये जानने को मैं दिया घर का बुझाऊँगा

जो गज़लें लिख रहा हूँ तसव्वुर में मैं तेरे
तेरी सहेलियों को वो ग़ज़लें सुनाऊँगा

वो जो शजर है सहरा में तन्हा खड़ा हुआ
उसको मैं दिल के कूचे में लाकर लगाऊँगा

  - Shajar Abbas

Promise Shayari

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