तुम्हारी याद हमको आ रही है
हमारी जान निकली जा रही है
ये उसकी पहली पहली है मोहब्बत
वो शायद इसलिए घबरा रही है
मोहब्बत ये नहीं तो और क्या है
हमें वो देख कर शर्मा रही है
कभी तकिए कभी टैडी वियर से
वो पागल अपना दिल बहला रही है
वो जो प्यारी सी लड़की है वहाँ पर
हमारे क़ल्ब का हिस्सा रही है
तुम्हारे हुस्न की सब दोस्तों में
हमारे रात भर चर्चा रही है
हैं उसकी चाँद से चेहरे पे ज़ुल्फ़ें
घटा यूँँ आसमाँ में छा रही है
जवानी में रहे हैं हम भी मजनू
हमारी भी हाँ इक लैला रही है
छुपाने के लिए सखियों से रिश्ता
वो उनसे झूठी क़स
में खा रही है
तेरी तस्वीर है कमरे में मेरे
सनम जो दिल मेरा बहला रही है
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