बज़्म-ए-शोरा में मेरा यार अगर आएगाअनगिनत साथ में मौज़ू-ए-ग़ज़ल लाएगादेख लेंगे ये अगर झाँक के आँखों में तेरीनश्शा सर से न जवानों के उतर पाएगा— Shajar Abbas