
चीख़कर तारीख़ देती है गवाही देखिए
ये हक़ीक़त है कोई क़िस्सा या अफ़्साना नहीं
बिन्त-ए-हव्वा का शजर माज़ी से ले कर आज तक
इब्न-ए-आदम ने कभी भी मर्तबा जाना नहीं
— Shajar Abbas
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