न मैं कोई फ़रिश्ता न परवरदिगार हूँअदना सा शख़्स हूँ या कहूँ ख़ाकसार हूँलाओ तुम अपना राहरों दुख मुझ से बाँट लोमैं भी तुम्हारी तरह गरीबुद्दयार हूँ— Shajar Abbas