ये हक़ीक़त है मेरी जान नहीं ला सकतामैं तेरे झूठ पर ईमान नहीं ला सकतालोग पूछेंगे सबब चाक गिरेबानी काबज़्म में चाक गिरेबान नहीं ला सकता— Shajar Abbas