सिगरेट पीं हज़ार बहुत मयकशी हुईबर्बाद अच्छी ख़ासी मियाँ ज़िन्दगी हुईवैसा किया था काम कि जैसा पड़ा था नामआवारा कह रहे थे सो आवारगी हुई— Dipanshu Shams