ham milenge ab na tumko dhooñdhne se | हम मिलेंगे अब न तुमको ढूँढने से

  - Shubhangi kalii

हम मिलेंगे अब न तुमको ढूँढने से
हट गए हैं हम तुम्हारे रास्ते से

प्यार में बिखरे कभी तो ग़म न करना
दिल निखरता है सभी का टूटने से

वस्ल का तो काम है पल में गुज़रना
हिज़्र कटता है हमेशा काटने से

जो गया वो लौटकर आया कभी क्या
फ़ायदा हरगिज़ नहीं है रत-जगे से

दूर रहना ही भला है सोचते हैं
मन बहुत दुखता है ज़्यादा राब्ते से

फिर मोहब्बत यार हम सेे अब न होगी
डर गए हैं हम पुराने हादसे से

जो हुआ सो भूल जा उस को कली अब
सीखते हैं लोग अपने तज़रबे से

  - Shubhangi kalii

Mohabbat Shayari

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