जो पेड़ सूखा हो वो भी फलदार हो सकता है

बस प्यार सच्चा हो तो ये भी यार हो सकता है

पत्थर का ही हो क्यूँ न दिल तेरा मगर आँखों से
उस का चलाया तीर दिल के पार हो सकता है

हर शे'र तेरा, सबके ज़ख़्मों की दवा है 'सलीम'
तेरा तो अच्छा ख़ासा कारोबार हो सकता है

— BR SUDHAKAR

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