sach men tu saath hai to rahe umr bhar | सच में तू साथ है तो रहे उम्र भर

  - BR SUDHAKAR

सच में तू साथ है तो रहे उम्र भर
सपना हो तो ये सपना चले उम्र भर

तुझको मैं याद आता रहूँ यूँंही बस
तुझको कोई रहे दुख रहे उम्र भर
इश्क़ की ग़लती इक बार हो जाए जो
साथ रहते है फिर मसअले उम्र भर

नाम तेरा कलाई पे लिखवाएं हम
ताकि तुझको पढ़ें और तके उम्र भर

सच में मानो, है ये इश्क़ ऐसा मज़ाक़
कोई इसको करे तो हसे उम्र भर

क्या हो आधे सफ़र हाथ था
में कोई
और अकेले ही फिर छोड़ दे उम्र भर

  - BR SUDHAKAR

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