झूठ उस का कुछ छुपा के कह दो तुम
इस कहानी को बना के कह दो तुम
तुम बुराई भी मेरे मुँह पे करो
दोस्त समझो हक़ जता के कह दो तुम
ज़ख़्म भर जा, ज़ख़्म भर जाएँगे सब
हाथ अपना बस लगा के कह दो तुम
मैं तुम्हारा हूँ यही बस जो है बात
ज़ोर थोड़ा और लगा के कह दो तुम
बा'द इस के होगा क्या-क्या देखना
शे'र अपने मुस्कुरा के कह दो तुम
— BR SUDHAKAR















