
मुझ को अपने रंग में रँगने की कोशिश तो करो
मैं तेरी ही हूँ ये समझने की कोशिश तो करो
मीरा तो पहले से ही कन्हा थी तुम्हारी ही
तुम भी अब मीरा का बनने की कोशिश तो करो
— BR SUDHAKAR
Other sher from the same pen
Shers of mehnat shayari collection.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling