हार का दिल में डर ज़रूरी था
जीतना भी मगर ज़रूरी था
तेरी इज़्ज़त का पास था मुझ को
फ़ोन करना मगर ज़रूरी था
रह–गुज़र ख़ार–ज़ारों से थी भरी
साथ में हम-सफ़र ज़रूरी था
माना आवारगी थी क़िस्मत में
हाँ मग़र एक घर ज़रूरी था
पाँव को आबलों की आदत है
इस लिए भी सफ़र ज़रूरी था
— Tarun Bharadwaj















