अगर दिल को तोड़ो तो बिखरा के जाना
महक टूटे दिल की भी जाने ज़माना
मुहब्बत में ताकत दिखानी है तुमको
पकड़ कर के पैरों में पायल सजाना
ये झुमके ये चूड़ी ये बिंदी ये काजल
ये कम थे कि उस पे तेरा मुस्कुराना
है ख़ामोश इतना वो पंछी क़फ़स में
उड़ा दे कि फिर देख गाएगा गाना
ये आदत सुख़न में पुरानी रही है
इधर की सुनी को उधर में सुनाना
Our suggestion based on your choice
As you were reading Shayari by Asad Akbarabadi
our suggestion based on Asad Akbarabadi
As you were reading Mohabbat Shayari Shayari