कि चेहरा मिरा खिल चुका था
मगर हार मैं दिल चुका था
बिछड़ने की सूझी उसे, जब
मुझे कर वो हासिल चुका था
मुझे वो मिला था, जो पहले
किसी और को मिल चुका था
— Vineet Dehlvi
मगर हार मैं दिल चुका था
बिछड़ने की सूझी उसे, जब
मुझे कर वो हासिल चुका था
मुझे वो मिला था, जो पहले
किसी और को मिल चुका था
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