कभी जब सर्द होता है
सभी पर फ़र्द होता है
हँसी में दर्द होता है
हवा में गर्द होता है
मगर पीछे नहीं हटता
कभी जो नर्द होता है
जिसे रोना नहीं आता
उसे भी दर्द होता है
सभी की भूख से लड़ना
उसी का कर्द होता है
जिसे रोना नहीं आता
वही तो मर्द होता है
— Vishakt ki Kalam se















