"मोहब्बत"
हम जो तिरे दिल में समाए है
यहाँ से हिजरत कर जाएँगे
एक वक़्त कयामत को आना है
ये सितारे भुझा दिए जाएँगे
मेरी आँखें एक दरिया है
हम कभी सेलाब लाएँगे
तुम अगर कहो हम से मिलना है
हम पहाड़ों का सीना चीर कर आएँगे
मौत आने की हज़ार क़िस्में हैं
हम मोहब्बत में मारे जाएँगे
— ALI ZUHRI















