"मेरे साथिया"
कैसे मैं जीऊँ तेरे बिन, मेरे साथिया
कैसे मैं जीऊँ तेरे बिन
ना रातें बीते ना ही दिन, मेरे साथिया
कैसे मैं जीऊँ तेरे बिन, मेरे साथिया
कैसे मैं जीऊँ तेरे बिन
तुझी से थे ग़म तुझी से थी ख़ुशी मेरी
तूँ ही नहीं तो तबाह है ज़िन्दगी मेरी
तूँ चाहत, तूँ हसरत, है तू ही मोहब्बत
बिन तेरे जानम बर्बाद आशिक़ी मेरी
हर ख़ुशी गई मुझ से छीन, मेरे साथिया
कैसे मैं जीऊँ तेरे बिन, मेरे साथिया
कैसे मैं जीऊँ तेरे बिन
— Vikas Sangam















