कुछ मुसव्विर हैं जो ता'बीर बना देते हैंदेख मुझ को तेरी तस्वीर बना देते हैंफ़क्र कैसे न करें बाज़ु-ए-हिम्मत पर हमलोहा पिघला के ये शमशीर बना देते हैपूछे जब भी कोई जन्नत के मआ'नी हम सेहम वहाँ नक़्शा-ए-कश्मीर बना देते है— Mohammad Aquib Khan