जबसे उस ने अपने सारे ढंग बदले
तब से मेरे कमरे के भी रंग बदले
इक नज़र के साए में आए मिरे पग
फिर मिरे पग उस नज़र के संग बदले
मुझ से लड़कर रब से बोला उस ने या रब
रब कभी ना इश्क़ की ये जंग बदले
— Rahul
तब से मेरे कमरे के भी रंग बदले
इक नज़र के साए में आए मिरे पग
फिर मिरे पग उस नज़र के संग बदले
मुझ से लड़कर रब से बोला उस ने या रब
रब कभी ना इश्क़ की ये जंग बदले
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