kisi aur ne to buna nahin miraa aasmaañ miraa aasmaañ | किसी और ने तो बुना नहीं मिरा आसमाँ मिरा आसमाँ

  - Aalok Shrivastav

किसी और ने तो बुना नहीं मिरा आसमाँ मिरा आसमाँ
तिरे आसमाँ से जुदा नहीं मिरा आसमाँ मिरा आसमाँ

ये ज़मीन मेरी ज़मीन है ये जहान मेरा जहान है
किसी दूसरे से मिला नहीं मिरा आसमाँ मिरा आसमाँ

कहीं धूप है कहीं चाँदनी कहीं रंग है कहीं रौशनी
कहीं आँसुओं से धुला नहीं मिरा आसमाँ मिरा आसमाँ

उसे छू सकूँ ये जुनून है मेरी रूह को ये सुकून है
यहाँ कब किसी का हुआ नहीं मिरा आसमाँ मिरा आसमाँ

गिरीं बिजलियाँ मेरी राह पर कई आँधियाँ भी चलीं मगर
कभी बादलों सा झुका नहीं मिरा आसमाँ मिरा आसमाँ

  - Aalok Shrivastav

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