मुझे तेरा चेहरा दिखाई दिया
मुझे लंबा रस्ता दिखाई दिया
सुनहरे वो शादी के जोड़े में थी
मुझे रंग काला दिखाई दिया
सुनाता रहा बस सुना कुछ नहीं
मुझे शाह बहरा दिखाई दिया
मेरे दोस्त की थोड़ी तारीफ़ की
मुझे पर ज़ियादा दिखाई दिया
मुझे अपनी नेकी डुबानी पड़ी
मुझे एक दरिया दिखाई दिया
ललक इस लिए भी ज़ियादा जगी
मोहब्बत पे पहरा दिखाई दिया
— Aatish Indori















