केमिलिओन
उस का भी प्यार कहीं गिर गया था
और मेरा भी
जैसे ओस की बूंद
पत्ते से उड़ गई हो चुप-चाप
हम मिले तो
पुराना कुछ लौट आया था
बिना कहे
दोनों ने काफ़्का पढ़ रखा था
इस लिए
समझ पाए
कि प्यार लौट सकता है
थोड़ा बदल कर
— Aatish Indori
उस का भी प्यार कहीं गिर गया था
और मेरा भी
जैसे ओस की बूंद
पत्ते से उड़ गई हो चुप-चाप
हम मिले तो
पुराना कुछ लौट आया था
बिना कहे
दोनों ने काफ़्का पढ़ रखा था
इस लिए
समझ पाए
कि प्यार लौट सकता है
थोड़ा बदल कर
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