"कोशिश"
मैं तो लिखता जा रहा हूँ
लगातार
मन में जो आ रहा है
अच्छा या अनर्गल
क्योंकि
वक़्त की छन्नी पर मुझे पूरा भरोसा है
छाँट लेगी अगर कुछ बचाने लाइक़ है
— Aatish Indori
मैं तो लिखता जा रहा हूँ
लगातार
मन में जो आ रहा है
अच्छा या अनर्गल
क्योंकि
वक़्त की छन्नी पर मुझे पूरा भरोसा है
छाँट लेगी अगर कुछ बचाने लाइक़ है
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