ab nazarandaaz karne ki bhi aasaani nahi | अब नज़रअंदाज़ करने की भी आसानी नही

  - Abbas Tabish

अब नज़रअंदाज़ करने की भी आसानी नही
कौनसी सी जा है जहाँ मैं ज़ेर-ए-निगरानी नही

बात कर ऐ खूबसूरत शख़्स कोई बात कर
और साबित कर तुझे कोई परेशानी नही

हम गुज़ारिश पर गुज़ारा कर रहे है इन दिनों
तुझसे तुझको छीन लेने की अभी ठानी नही

  - Abbas Tabish

Duniya Shayari

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    ये तेरे बाद जो लेता हूँ मैं लंबी साँसें
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    क्या ख़बर इसका रिवाज़ आप के यहाँ है कि नहीं

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    पहले तो मुझको दिलाते है वो ग़ुस्सा 'ताबिश'
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    Abbas Tabish
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    देख कैसे धुल गए है गिर्या-ओ-ज़ारी के बाद
    आसमाँ बारिश के बाद और मैं अज़ादारी के बाद

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    सोचता हूँ क्या करेगा दिल आज़ारी के बाद
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    Abbas Tabish
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    न पूछ कितने है बेताब देखने के लिए
    हम एक साथ कईं ख़्वाब देखने के लिए

    मैं अपने आप से बाहर निकल के बैठ गया
    कि आज आयेंगे अहबाब देखने के लिए

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    Abbas Tabish
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