मेरे रोते ही खुलकर रो पड़ेगा
हमें ऐसा खिलौना कब मिलेगा
तेरी तस्वीर में रंगों से ज़्यादा
हमारी आँख का आँसू लगेगा
बिछड़ते वक़्त इतना ही कहा था
तुम्हारा भी किसी से दिल लगेगा
मोहब्बत नाम से डरने लगा है
ये लड़का ख़ुद-कुशी कैसे करेगा
है सहरा को हिरन की बद-दुआ ये
जियेगा प्यास में प्यासा मरेगा
— Abhishar Geeta Shukla















