हिज्र को आसान करने में लगी हो
इक बड़ा नुक़सान करने में लगी हो
ठीक हूँ मैं या नहीं हूँ तेरी ख़ातिर
तुम यही पहचान करने में लगी हो
है बहुत उम्दा मगर अफ़ज़ल नहीं वो
तुम जिसे सुलतान करने में लगी हो
जा रहे हम दैर से अल्लाह हाफ़िज़
आप तो यकसान करने में लगी हो
— Afzal Sultanpuri















