गली के मोड़ पे बच्चों के एक जमघट मेंकिसी ने दर्द-भरे लय में माहिया गायामुझे किसी से मोहब्बत नहीं मगर ऐ दिलये क्या हुआ कि तू बे-इख़्तियार भर आया— Ahmad Nadeem Qasmi