ख़ुशी के साथ कब तक ज़िन्दगी गुज़ारते हमतिरा मलाल न होता तो मर गए होतेमुहाल हो गया है एक पल भी तेरे बिनातू होती तो ज़माने भी गुज़र गए होते— Faiz Ahmad