जो है ज़रूरी वही नहीं है
नहीं तो कोई कमी नहीं है
जो पास है कुछ,दिया उसी का
जो कुछ, नहीं है; वही नहीं है
उसे बुरा यदि कहे भी कोई
यक़ीन करना सही नहीं है
उसे मुहब्बत सिखाए कोई
उसे मुहब्बत हुई नहीं है
हुई मुहब्बत उसी हसीं से
कि उस के जैसी कोई नहीं है
कि उस की बातें हैं छाँव जैसी
कि छाँव हम को मिली नहीं है
अमन मुहब्बत में डूब जाए
ये बात कोई नई नहीं है
— Aman G Mishra















