दिल जला है क्या करूँँ मैं
'इश्क़ सा है क्या करूँँ मैं
बस तुम्हें ही बस तुम्हें ही
चाहता है क्या करूँँ मैं
बात दिल की बोलने से
डर लगा है क्या करूँँ मैं
दिल हमारा एक नाज़ुक
आईना है क्या करूँँ मैं
मुझ से हर दम बोलता है
बोलता है क्या करूँँ मैं
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