हम तो बस झगड़ा करते हैं
आप बताएँ क्या करते हैं
पिघलाने वाला गर हो तो
पत्थर भी पिघला करते हैं
आप मनाना क्या जानो
आप तो बस रूठा करते हैं
तन्हाई में यादों वाले
क्या क्या वहम पला करते हैं
आपकी दीद अगर हो जाए
बिगड़े काम बना करते हैं
अंबर जो तू करता है ना
ये सब आवारा करते हैं
Our suggestion based on your choice
As you were reading Shayari by Ambar
our suggestion based on Ambar
As you were reading Wahshat Shayari Shayari