अमीर-ए-शहर का तख़्ता पलट भी सकता है
के संग-ए-राह हटाने से हट भी सकता है
हमारे ज़ख़्मी बदन पर अभी न जश्न करो
ये ज़ख़्मी शे'र पलट कर झपट भी सकता है
हमारे जिस्म में काँटे नहीं लगे हैं सुन
कभी कभार तू आकर लिपट भी सकता है
जवाब जो भी हो मैसज में भेज दे मुझको
कि लो है बैटरी ये फोन कट भी सकता है
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