ये बिछुए, नथ, कमर बंद और बाली कौन देता है
नए फ़ैशन के जुग में मुँह दिखाई कौन देता है?
नदी का इश्क़ है जो ख़ुद-कुशी करती है सागर में
वगरना मुफ़्त में अपनी जवानी कौन देता है?
तेरा इनकार वाजिब है ख़िज़ाँ के दौर में, ऐ दोस्त
भला सूखे शजर की जड़ में पानी कौन देता है?
तुम्हारे लोग चुप रह कर बहुत कुछ बोल देते हैं
शराफ़त ओढ़ने वालों में गाली कौन देता है?
ये मॉर्डन वर्ल्ड है "राही" उसे दो गिफ़्ट अच्छा सा
अमां, इस दौर में लड़की को साड़ी कौन देता है?
— Amit Jha Rahi















