कोईशिकवानहींहैशिकायतनहीं
बातया'नीकिहैअबमुहब्बतनहीं
अबतोपानीभीसरसेगुज़रनेलगा
आपकरतेहोफिरक्यूँबग़ावतनहीं
हुस्नपेयेअकड़क्यूँमेरीजान-ए-जाँ
आपइतनीभीतोख़ूब-सूरतनहीं
कर्णसादानकरतेहैंतोआपफिर
ज़िंदगीमेंभलाक्यूँँहोबरकतनहीं
कितनीशिद्दतसेकरताहूँमैंकर्मपर
मेरेऊपरहैहोतीइनायतनहीं
ख़ुदकाभाईहीदुश्मनसेजबजामिले
घररहेफिरतोअपनासलामतनहीं
पहलेमिलबैठसबग़मसुनातेथेपर
अबरहीयारवैसीतोफ़ुर्सतनहीं