"गुनगुनाती हूँ मुस्कुराती हूँ"

गुनगुनाती हूँ मुस्कुराती हूँ
जब तेरी याद में समाती हूँ
तू जो है पास तो उजाला है
वरना जीवन में बस अँधेरा है
तेरे आने की जब ख़बर पाऊँ
फूल से राह फिर सजाती हूँ
गुनगुनाती हूँ मुस्कुराती हूँ
जब तेरी याद में समाती हूँ
मेरे दिन रैन भी नहीं तुझ बिन
एक ज़रा चैन भी नहीं तुझ बिन
तू नज़र जब कहीं नहीं आता
आँसू आँखों से बहाती हूँ
गुनगुनाती हूँ मुस्कुराती हूँ
जब तेरी याद में समाती हूँ
कितनी क़ातिल है दिल की तन्हाई
जैसे धड़कन नहीं है, रूसवाई
फिर कहीं लौट कर नहीं जाती
तेरी आवाज़ पे जब आती हूँ
गुनगुनाती हूँ मुस्कुराती हूँ
जब तेरी याद में समाती हूँ
क़ैद कर लो तुम अपनी बाहों में
एक बस मैं रहूँ निगाहों में
मुझ सेा जोगन नहीं तू पाएगा
नाम का गीत तेरे गाती हूँ
गुनगुनाती हूँ मुस्कुराती हूँ
जब तेरी याद में समाती हूँ
सुब्ह हो जाऊँ रात हो जाऊँ
इस तरह तेरे साथ हो जाऊँ
तेरी तस्वीर बेक़रारी में
अपने सीने से मैं लगाती हूँ
गुनगुनाती हूँ मुस्कुराती हूँ
जब तेरी याद में समाती हूँ
मुझ सेा पागल कहाँ मिलेगा तुम्हें
रश्म सब इश्क़ के निभाती हूँ
गुनगुनाती हूँ मुस्कुराती हूँ
जब तेरी याद में समाती हूँ

— Ananya Rai Parashar

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