
जो जो जितना पास था मेरे वो वो उतना दूर हुआ
उस से कहा इक छोटा क़िस्सा अगले ही दिन मशहूर हुआ
किसी सहारे की चाहत में जब जब टूटे रातों को
ख़ुद के कंधे पर सिर रखना फिर रोना मंज़ूर हुआ
— Anmol Mishra
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