आपको किस ओर के रस्ते पे चलना चाहिए
उसके पहले आपको घर से निकलना चाहिए
हो नहीं पाया अगर अब तक मिरी जाँ 'इश्क़ तो
और, थोड़ा और, थोड़ा और मिलना चाहिए
ये उदासी अब तलक कैसी तिरे चेहरे पे है
आँख से रिसता है जो रिश्ता बदलना चाहिए
इस बहसबाज़ी का हल निकलेगा न शायद कभी
हाथ जोड़ो मुस्कुराओ औ' निकलना चाहिए
अब अगर होनी हैं बातें बस तकल्लुफ़ में यूँँ ही
हमको तुम को दो अलग राहों पे चलना चहिए
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