"दुर्लभ"
न छल न कपट
न जिस्म न हवस
न चिंता न दुविधा
न मुक्ति न सुविधा
दुर्लभ है ऐसे मनुष्य की खोज
न इर्ष्या न द्वेष
न इक रंग न भेष
न करुणा न महिमा
न मुक्ति न सुविधा
दुर्लभ है ऐसे मनुष्य की खोज
— Abdulla Asif
न छल न कपट
न जिस्म न हवस
न चिंता न दुविधा
न मुक्ति न सुविधा
दुर्लभ है ऐसे मनुष्य की खोज
न इर्ष्या न द्वेष
न इक रंग न भेष
न करुणा न महिमा
न मुक्ति न सुविधा
दुर्लभ है ऐसे मनुष्य की खोज
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