"दुर्लभ"न छल न कपटन जिस्म न हवसन चिंता न दुविधान मुक्ति न सुविधादुर्लभ है ऐसे मनुष्य की खोजन इर्ष्या न द्वेषन इक रंग न भेषन करुणा न महिमान मुक्ति न सुविधादुर्लभ है ऐसे मनुष्य की खोज— Abdulla Asif