पुजारन
तेरी थाली के फूल
सूरज की किरनों से कुम्हला जाएँगे
माला भी सूख जाएगी मूर्ती की गर्दन में
प्रेम की माला गूँध
आँसुओं के मोती से
अपनी मध-भरी तानों में कोई ब्याकुल राग अलाप
— Bano Tahira Sayeed
तेरी थाली के फूल
सूरज की किरनों से कुम्हला जाएँगे
माला भी सूख जाएगी मूर्ती की गर्दन में
प्रेम की माला गूँध
आँसुओं के मोती से
अपनी मध-भरी तानों में कोई ब्याकुल राग अलाप
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