हयात भर करे वो इंतिज़ार तो मैं मिलूॅं
अगर वो सिर्फ़ करे मुझ से प्यार तो मैं मिलूॅं
हसीन लड़कियों की इल्तिज़ा है एक तरफ़
मुझे वो इक दफ़ा बोले न यार तो मैं मिलूॅं
दुआ में चुपके से मैं माँगने पे मिलता नहीं
मैं इश्क़ हूँ तू ज़रा चीख़ मार तो मैं मिलूॅं
या माँग ले तू ये मख़मल के ख़्वाब अब ख़ुदा से
क़ुबूल गर तुझे इश्क़-ओ-असार तो मैं मिलूॅं
शग़फ़ है भी या नहीं कैसे साफ़ होगा बता
न मिलने आ सकूँ तो आँखें घार तो मैं मिलूॅं
वो मेरा तिश्ना-ए-दीदार है तो सब है वही
ख़याल में ही हो गर हुस्न-दार तो मैं मिलूॅं
— Chhayank Tyagi















