हमेशा यही तो हुआ है मेरे साथ

मुकम्मल कोई कब रहा है मेरे साथ

उसे इश्क़ की इब्तिदा तो न मालूम
मगर इश्क़ की इंतिहा है मेरे साथ

नयन बोले आँसू हैं आँसू मेरे पास
अधर बोले फिर क़हक़हा है मेरे साथ

तू इस भीड़ को मार गोली मुझे देख
मुझे सिर्फ़ अब तू बता है मेरे साथ

ये अफ़वाहें हैं मत यक़ीं कर तू ख़ुद सोच
तुझे कब ही कोई दिखा है मेरे साथ

मुझे डर नहीं तेरी रंजिश से दुनिया
मेरा बाप अब ही खड़ा है मेरे साथ

सभी के सभी बे-वफ़ा निकले 'त्यागी'
यहाँ बस मेरा दुख रहा है मेरे साथ

उसे बे-वफ़ा मत कहो वो नहीं है
अगर है भी तो क्या ख़ुदा है मेरे साथ

— Chhayank Tyagi

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Udas Shayari

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