dekh kar bilkul nahin lagta ki ham itne door hain | देख कर बिल्कुल नहीं लगता कि हम इतने दूर हैं

  - Danish Naqvi

देख कर बिल्कुल नहीं लगता कि हम इतने दूर हैं
वैसे हम एक दूसरे से अच्छे ख़ासे दूर हैं

फड़फड़ाने की इजाज़त भी नहीं दी जा रही
पेड़ पर बैठे हुए लगता था पिंजरे दूर हैं

दर्द का एहसास होता है बहुत सी देर बाद
तीर लगते है यहाँ पर और गिरते दूर हैं

दोस्ती में भूल मत जाना पुरानी दुश्मनी
बाद में नज़दीक है हम लोग पहले दूर हैं

मिल के मापेंगे किसी दिन दरमियानी फ़ासला
ताकि कुछ मालूम हो पाए कि कितनी दूर हैं

  - Danish Naqvi

Nafrat Shayari

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