बताएँ तुम्हें क्या कि क्या हो रहा है
नए सर से सजदा अदा हो रहा है
मिरा रंज-ओ-ग़म सब हवा हो रहा है
किसी से क़रार-ए-वफ़ा हो रहा है
क़रार आ गया क्यूँ ये बे-ताब दिल को
कहीं कोई वादा-वफ़ा हो रहा है
उन्हें आज क्या मेरी याद आ रही है
ये क्यूँ दर्द दिल में सिवा हो रहा है
वफ़ा मेरी क्या थी जफ़ा गर न होती
बुरा कह रहे हैं भला हो रहा है
मेरी ज़िंदगी में तग़य्युर ये कैसा
नया रास्ता एक वा हो रहा है
सलामत रहे मेरा दिल लेने वाला
मुझे इक नया दिल अता हो रहा है
वो कुछ इस तरह से मुझे देखता है
कि जैसे मेरा रहनुमा हो रहा है
मैं यूँ आ रही हूँ निगाहों में उन की
कि गोया कोई हक़ अदा हो रहा है
दिखाएगा अब कौन उल्फ़त की राहें
कि गुल ये चराग़-ए-वफ़ा हो रहा है
मिरा दर जो इनको नज़र आ गया है
कि हर शख़्स आ के फ़ना हो रहा है















